कबीर के 50 दोहे (छात्रों के लिए अति उपयोगी)
संत कबीरदास जी का जीवन परिचय
संत कबीरदास हिंदी साहित्य के महान संत, समाज सुधारक और कवि थे। उनका जन्म लगभग 15वीं शताब्दी में वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में माना जाता है। कबीरदास जी का पालन-पोषण नीरू और नीमा नामक जुलाहा दंपत्ति ने किया। वे बचपन से ही आध्यात्मिक विचारों और सादगीपूर्ण जीवन के समर्थक थे।
कबीरदास जी ने अपने दोहों और साखियों के माध्यम से समाज में फैली अंधविश्वास, जाति-भेद और धार्मिक पाखंड का विरोध किया। उन्होंने मानवता, प्रेम, सत्य और ईश्वर भक्ति का संदेश दिया। उनकी भाषा सरल और जनसामान्य की समझ में आने वाली थी, जिस कारण उनके दोहे आज भी विद्यार्थियों और समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।
कबीरदास जी का मानना था कि ईश्वर मंदिर या मस्जिद में नहीं, बल्कि मनुष्य के हृदय में निवास करता है। उनके दोहे जीवन जीने की सही राह, अच्छे संस्कार और नैतिक शिक्षा प्रदान करते हैं।
कबीर के दोहे छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
संत कबीरदास जी के दोहे जीवन को सरल, सत्य और नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं। छात्रों के लिए ये दोहे चरित्र निर्माण, आत्मज्ञान, परिश्रम और विनम्रता सिखाते हैं। यहाँ प्रस्तुत हैं कबीर के 50 सबसे लोकप्रिय दोहे अर्थ सहित।
कबीर के प्रसिद्ध 50 दोहे
👉 दोहा 2 पढ़ें |👉 दोहा 3 पढ़ें |👉 दोहा 4 पढ़ें |👉 दोहा 5 पढ़ें |👉 दोहा 6 पढ़ें |👉 दोहा 7 पढ़ें |👉 दोहा 8 पढ़ें |👉 दोहा 9 पढ़ें |👉 दोहा 10 पढ़ें |👉 दोहा 11 पढ़ेंसार-सार को गहि रहे, थोथा देई उड़ाय॥
अर्थ: जैसे सूप (छलनी) अनाज को छानते समय अच्छे दानों को बचा लेता है और बेकार भूसी को उड़ा देता है, वैसे ही सच्चा साधु/अच्छा व्यक्ति वही है जो अच्छी बातों को अपनाता है और बुरी बातों को छोड़ देता है।
One-line Moral
“जीवन में अच्छी बातों को अपनाओ और बुरी आदतों को छोड़ दो।”
Short Story Example
कहानी: राहुल और सही चुनाव
राहुल के पास अच्छे और बुरे दोनों तरह के दोस्त थे। कुछ दोस्त पढ़ाई में मेहनती थे,
तो कुछ समय बर्बाद करते थे। राहुल ने मेहनती दोस्तों की संगति अपनाई और गलत संगति छोड़ दी।
धीरे-धीरे उसके नंबर बेहतर हो गए।
इससे उसने सीखा कि अच्छे-बुरे में फर्क करना ज़रूरी है।
MCQ
Q1. इस दोहे में ‘सूप’ किसका प्रतीक है?
A) भोजन का
B) अच्छे-बुरे में अंतर करने की बुद्धि का
C) धन का
D) समय का
✔️ सही उत्तर: B
Q2. दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) सब कुछ स्वीकार कर लेना चाहिए
B) केवल बुरी बातें अपनानी चाहिए
C) अच्छी बातें अपनाकर बुरी छोड़नी चाहिए
D) किसी की बात न मानें
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि हमें जीवन में सही और गलत में फर्क करना चाहिए।
अच्छी बातों को अपनाना और बुरी आदतों को छोड़ देना ही सच्चे व्यक्ति का गुण है।
मैं भी भूखा न रहूं, साधु न भूखा जाय॥
अर्थ: कबीरदास जी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें उतना ही मिले जिससे उनका परिवार ठीक से चल सके। वे अधिक धन नहीं चाहते, बस इतना चाहते हैं कि वे स्वयं भी भूखे न रहें और कोई अतिथि/साधु भी भूखा न जाए।
One-line Moral
“संतोष रखो, लालच मत करो और जो मिले उसमें दूसरों की मदद करो।”
Short Story Example
कहानी: अमन का बस्ता
अमन रोज़ स्कूल में टिफिन लाता था। एक दिन उसने देखा कि उसके दोस्त के पास टिफिन नहीं था।
अमन ने अपना खाना बाँट लिया। घर जाकर उसने माँ से कहा कि उसे ज्यादा नहीं चाहिए,
बस इतना हो कि वह खुद भी खा सके और किसी ज़रूरतमंद को दे सके।
MCQ
Q1. इस दोहे में कवि ईश्वर से क्या माँग रहा है?
A) बहुत सारा धन
B) केवल अपने लिए भोजन
C) इतना साधन कि खुद और अतिथि दोनों भूखे न रहें
D) केवल साधुओं के लिए भोजन
✔️ सही उत्तर: C
Q2. दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) अधिक धन इकट्ठा करो
B) केवल अपने बारे में सोचो
C) संतोष रखो और दूसरों की मदद करो
D) किसी की मदद न करो
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: “साईं इतना दीजिए…” दोहे से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: इस दोहे से हमें यह शिक्षा मिलती है कि मनुष्य को लालच नहीं करना चाहिए।
उसे उतना ही माँगना चाहिए जितने में उसका परिवार चल सके और वह ज़रूरतमंदों की मदद भी कर सके।
पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर॥
अर्थ: केवल बड़ा पद या ऊँचा कद होना महानता नहीं है। खजूर का पेड़ ऊँचा होता है, लेकिन न उसकी छाया मिलती है और न उसके फल आसानी से मिलते हैं। उसी तरह जो व्यक्ति बड़ा होकर भी दूसरों के काम न आए, उसकी बड़ी पहचान व्यर्थ है।
One-line Moral
“बड़ा वही है जो दूसरों के काम आए।”
Short Story Example
कहानी: बड़ा अफसर, छोटी मदद
एक गाँव में एक बड़ा अधिकारी रहने लगा। लोग सोचते थे कि वह उनकी मदद करेगा,
लेकिन वह किसी की नहीं सुनता था। वहीं पास में एक साधारण दुकानदार सबकी मदद करता था।
तब लोगों ने समझा कि पद से बड़ा होना जरूरी नहीं, दिल से बड़ा होना जरूरी है।
MCQ
Q1. खजूर के पेड़ का उदाहरण किसके लिए दिया गया है?
A) ऊँचाई के लिए
B) सुंदरता के लिए
C) बड़ा होकर भी काम न आने वाले व्यक्ति के लिए
D) फलदार वृक्ष के लिए
✔️ सही उत्तर: C
Q2. इस दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) बड़ा बनना जरूरी है
B) ऊँचा पेड़ सबसे अच्छा होता है
C) बड़ा होकर भी यदि दूसरों के काम न आए तो व्यर्थ है
D) फलदार पेड़ ही अच्छे होते हैं
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि केवल बड़ा पद या ऊँचा कद होना महानता नहीं है।
सच्ची महानता यह है कि हम दूसरों के काम आएँ और उनकी मदद करें।
ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि सच्चा संत सबके कल्याण की कामना करता है। वह किसी से विशेष दोस्ती नहीं करता और न ही किसी से बैर रखता है। वह सभी के प्रति समान भाव और प्रेम रखता है।
One-line Moral
“सबके साथ समान व्यवहार करो, किसी से बैर मत रखो।”
Short Story Example
कहानी: सबके लिए अच्छा सोचना
एक कक्षा में दो गुट बन गए थे। बच्चे आपस में लड़ते रहते थे।
रवि ने दोनों गुटों से समान व्यवहार किया और किसी का पक्ष नहीं लिया।
धीरे-धीरे झगड़े कम हो गए और पूरी कक्षा में शांति बन गई।
MCQ
Q1. इस दोहे में कबीर किस भाव की शिक्षा देते हैं?
A) पक्षपात की
B) बैर रखने की
C) सबके प्रति समानता और कल्याण की
D) केवल अपने समूह की मदद की
✔️ सही उत्तर: C
Q2. दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) कुछ लोगों से दोस्ती रखनी चाहिए
B) किसी से भी संबंध न रखो
C) सबके प्रति शुभभाव रखो और बैर न रखो
D) केवल अपने फायदे के बारे में सोचो
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि हमें सभी के प्रति समान और शुभ भाव रखना चाहिए।
किसी से दुश्मनी या बैर नहीं रखना चाहिए।
काम बिगाड़े आपनो, जग में होत हॅंसाय॥
अर्थ: जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे कोई काम करता है, उसे बाद में पछताना पड़ता है। ऐसे व्यक्ति अपने ही काम बिगाड़ लेते हैं और समाज में मज़ाक बन जाते हैं।
One-line Moral
“कोई भी काम सोच-समझकर करो, तभी सफलता मिलेगी।”
Short Story Example
कहानी: जल्दबाज़ी का नुकसान
राहुल ने बिना पढ़े ही परीक्षा का फॉर्म भर दिया।
बाद में पता चला कि उसने गलत विषय चुन लिया था।
फॉर्म बदला नहीं जा सका और उसे साल भर इंतजार करना पड़ा।
MCQ
Q1. यह दोहा किस बात की सीख देता है?
A) जल्दी काम करने की
B) बिना सोचे काम करने की
C) सोच-समझकर काम करने की
D) दूसरों पर हँसने की
✔️ सही उत्तर: C
Q2. बिना विचारे काम करने का परिणाम क्या होता है?
A) सफलता मिलती है
B) प्रशंसा होती है
C) पछतावा और मज़ाक बनना पड़ता है
D) कोई असर नहीं होता
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि हर काम करने से पहले सोच-विचार करना चाहिए।
जल्दबाज़ी में लिया गया फैसला नुकसान पहुँचा सकता है।
हाथ मले और सिर धुने, लालच बुरी बलाय॥
अर्थ: जैसे मक्खी मिठास के लालच में गुड़ में फँस जाती है और उसके पंख चिपक जाते हैं, फिर वह हाथ मलती और सिर धुनती है लेकिन निकल नहीं पाती। उसी तरह मनुष्य भी लालच में पड़कर अपने आप को नुकसान पहुँचा लेता है। लालच सच में एक बुरी बला है।
One-line Moral
“लालच इंसान को फँसा देता है और अंत में पछतावा देता है।”
Short Story Example
कहानी: सस्ता ऑफर, बड़ा नुकसान
रमेश को एक फर्जी वेबसाइट पर बहुत सस्ता मोबाइल दिखा।
लालच में आकर उसने पैसे भेज दिए।
बाद में पता चला कि वह धोखाधड़ी थी।
तब रमेश को समझ आया कि लालच सच में बुरी बला है।
MCQ
Q1. मक्खी गुड़ में क्यों फँस जाती है?
A) डर की वजह से
B) मिठास के लालच से
C) उड़ना नहीं आता
D) किसी ने पकड़ लिया
✔️ सही उत्तर: B
Q2. दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) मिठास अच्छी होती है
B) लालच बुरी बला है
C) मक्खी कमजोर होती है
D) गुड़ से बचना चाहिए
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि लालच में पड़कर मनुष्य अपना ही नुकसान कर लेता है।
इसलिए हमें लालच से दूर रहना चाहिए।
ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि केवल किताबें पढ़ लेने से कोई सच्चा विद्वान नहीं बनता। सच्ची विद्वता प्रेम, करुणा और इंसानियत को समझने से आती है। जो व्यक्ति प्रेम का महत्व समझ लेता है, वही असली पंडित कहलाता है।
One-line Moral
“ज्ञान से बड़ा प्रेम और इंसानियत है।”
Short Story Example
कहानी: अच्छे अंक, बुरा व्यवहार
रोहन पढ़ाई में अव्वल था लेकिन सहपाठियों से घमंड से बात करता था।
वहीं सीमा पढ़ाई में सामान्य थी लेकिन सबकी मदद करती थी।
टीचर ने कहा – सच्चा विद्वान वही है जिसमें ज्ञान के साथ अच्छा दिल भी हो।
MCQ
Q1. इस दोहे में “ढाई आखर” किसके लिए कहा गया है?
A) किताबों के अक्षर
B) नाम लिखने के अक्षर
C) प्रेम के दो अक्षर
D) परीक्षा के प्रश्न
✔️ सही उत्तर: C
Q2. कबीर के अनुसार असली पंडित कौन है?
A) जो बहुत किताबें पढ़े
B) जो डिग्री ले
C) जो प्रेम और इंसानियत को समझे
D) जो बहस करे
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है।
सच्चा विद्वान वही है जिसमें प्रेम, करुणा और अच्छे संस्कार हों।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि यदि गुरु और भगवान दोनों एक साथ सामने हों, तो पहले गुरु के चरण छूने चाहिए। क्योंकि गुरु ही हमें ईश्वर का रास्ता दिखाता है। गुरु के कारण ही हम भगवान को पहचान पाते हैं।
One-line Moral
“गुरु का स्थान भगवान से भी ऊँचा होता है।”
Short Story Example
कहानी: सही रास्ता दिखाने वाला
एक छात्र पढ़ाई से भटक गया था।
उसके शिक्षक ने उसे समझाया, मार्गदर्शन किया और मेहनत करना सिखाया।
आज वही छात्र सफल इंसान बना।
छात्र ने समझा कि गुरु का योगदान जीवन बदल देता है।
MCQ
Q1. इस दोहे में गुरु को भगवान से बड़ा क्यों बताया गया है?
A) गुरु भगवान से ताकतवर है
B) गुरु हमें भगवान का रास्ता दिखाता है
C) गुरु हमेशा सही होता है
D) गुरु को पूजा पसंद है
✔️ सही उत्तर: B
Q2. “बलिहारी गुरु आपने” का क्या अर्थ है?
A) गुरु पर क्रोधित होना
B) गुरु का अपमान करना
C) गुरु के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना
D) गुरु से डरना
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि गुरु हमारे जीवन में मार्गदर्शक होते हैं।
उनके बिना सही दिशा मिलना कठिन है, इसलिए हमें गुरु का सम्मान करना चाहिए।
भीतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि गुरु कुम्हार (मिट्टी का बर्तन बनाने वाला) की तरह होते हैं और शिष्य घड़े के समान होता है। जैसे कुम्हार अंदर से सहारा देकर और बाहर से चोट देकर घड़ा सही आकार देता है, वैसे ही गुरु प्रेम के साथ भीतर से सहारा देते हैं और बाहर से डाँटकर शिष्य की गलतियाँ सुधारते हैं।
One-line Moral
“गुरु की डाँट भी भलाई के लिए होती है।”
Short Story Example
कहानी: डाँट के पीछे प्यार
एक छात्र रोज़ होमवर्क नहीं करता था।
टीचर ने उसे डाँटा और नियम बनाया।
शुरू में छात्र को बुरा लगा, लेकिन धीरे-धीरे उसकी आदत सुधर गई
और वह अच्छे नंबर लाने लगा।
तब उसे समझ आया कि गुरु की सख्ती भी भलाई के लिए होती है।
MCQ
Q1. इस दोहे में गुरु की तुलना किससे की गई है?
A) किसान से
B) कुम्हार से
C) व्यापारी से
D) सैनिक से
✔️ सही उत्तर: B
Q2. कुम्हार घड़े को कैसे सही बनाता है?
A) केवल बाहर से मारकर
B) केवल अंदर से सहारा देकर
C) अंदर सहारा और बाहर से चोट देकर
D) पानी डालकर
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि गुरु कभी-कभी सख्ती करते हैं,
लेकिन वह सख्ती हमारे सुधार और भलाई के लिए होती है।
सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि अगर पूरी धरती को कागज बना दूँ, सारे जंगलों को कलम बना दूँ और सातों समुद्रों की स्याही कर दूँ, तब भी गुरु के गुणों को पूरा लिखा नहीं जा सकता। गुरु की महिमा और उपकार शब्दों से परे हैं।
One-line Moral
“गुरु के उपकार अनमोल और अनगिनत होते हैं।”
Short Story Example
कहानी: जीवन बदलने वाला शिक्षक
एक कमजोर छात्र को उसके शिक्षक ने भरोसा दिलाया कि वह सफल हो सकता है।
लगातार मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से छात्र आगे बढ़ा।
आज वह सफल व्यक्ति बनकर अपने गुरु को धन्यवाद देता है।
MCQ
Q1. इस दोहे में गुरु के गुणों को क्यों नहीं लिखा जा सकता बताया गया है?
A) क्योंकि कागज कम है
B) क्योंकि समुद्र सूख जाते हैं
C) क्योंकि गुरु के गुण अनगिनत हैं
D) क्योंकि लिखना मुश्किल है
✔️ सही उत्तर: C
Q2. “सात समुद्र की मसि” से क्या तात्पर्य है?
A) बहुत कम स्याही
B) बहुत ज्यादा स्याही
C) काली स्याही
D) असली समुद्र का पानी
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि गुरु का योगदान हमारे जीवन में बहुत बड़ा होता है।
हम शब्दों में उनका पूरा आभार व्यक्त नहीं कर सकते।
कबीर के लोकप्रिय दोहे (11–20) – अर्थ सहित
👉 दोहा 12 पढ़ें |👉 दोहा 13 पढ़ें |👉 दोहा 14 पढ़ें |👉 दोहा 15 पढ़ें |👉 दोहा 16 पढ़ें |👉 दोहा 17 पढ़ें |👉 दोहा 18 पढ़ें |👉 दोहा 19 पढ़ें |👉 दोहा 20 पढ़ें |👉 दोहा 21 पढ़ें |👉 दोहा 1 पढ़ेंजो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे को होय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि लोग दुख आने पर ही भगवान को याद करते हैं। सुख के समय अक्सर लोग ईश्वर को भूल जाते हैं। अगर मनुष्य सुख में भी ईश्वर का स्मरण करे और सही मार्ग पर चले, तो जीवन में दुख कम हो जाते हैं।
One-line Moral
“सुख हो या दुख, भगवान को हमेशा याद रखना चाहिए।”
Short Story Example
कहानी: सफलता के बाद भी विनम्रता
अमन परीक्षा में टॉप करने के बाद घमंडी नहीं हुआ।
वह रोज़ प्रार्थना करता और मेहनत जारी रखता।
जब कठिन समय आया, तो उसने धैर्य नहीं खोया।
उसका संतुलित व्यवहार ही उसकी ताकत बन गया।
MCQ
Q1. लोग भगवान को कब याद करते हैं?
A) केवल सुख में
B) केवल दुख में
C) सुख-दुख दोनों में
D) कभी नहीं
✔️ सही उत्तर: B
Q2. कबीर के अनुसार दुख कम कैसे हो सकते हैं?
A) केवल प्रार्थना से
B) सुख में भी ईश्वर का स्मरण करने से
C) केवल धन से
D) दूसरों पर निर्भर रहने से
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि हमें केवल दुख में नहीं,
बल्कि सुख में भी भगवान को याद रखना चाहिए और सही रास्ते पर चलना चाहिए।
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि जब मैं दूसरों में बुराई खोजने निकला, तो मुझे कोई बुरा नहीं मिला। लेकिन जब मैंने अपने दिल को टटोला, तो समझ आया कि सबसे अधिक बुराई मेरे अंदर ही है। दूसरों को दोष देने से पहले हमें खुद की कमियाँ देखनी चाहिए।
One-line Moral
“दूसरों में बुराई खोजने से पहले खुद को सुधारो।”
Short Story Example
कहानी: गलती मेरी भी थी
राहुल हमेशा अपने दोस्तों की गलतियाँ गिनाता रहता था।
एक दिन टीचर ने उससे कहा – अपनी कॉपी देखो, तुम्हारी भी गलतियाँ हैं।
तब राहुल को एहसास हुआ कि दूसरों को दोष देने से पहले खुद को सुधारना चाहिए।
MCQ
Q1. कबीर को दूसरों में बुराई क्यों नहीं मिली?
A) क्योंकि सब अच्छे थे
B) क्योंकि असली बुराई अपने अंदर थी
C) क्योंकि उन्होंने देखा ही नहीं
D) क्योंकि लोग डर गए
✔️ सही उत्तर: B
Q2. इस दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) दूसरों की आलोचना करो
B) केवल अपनी तारीफ करो
C) आत्मचिंतन और आत्म-सुधार करो
D) किसी से बात न करो
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि हमें दूसरों में बुराई देखने के बजाय
पहले अपनी गलतियों को पहचानकर खुद को सुधारना चाहिए।
पल में प्रलय होएगी, बहुरि करेगा कब॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि जो काम कल पर टाल रखा है, उसे आज ही कर लो, और जो आज करना है, उसे अभी कर लो। जीवन अनिश्चित है—पल भर में कुछ भी हो सकता है। इसलिए काम को टालना नहीं चाहिए।
One-line Moral
“आज का काम आज करो, कल पर मत टालो।”
Short Story Example
कहानी: टालमटोल की आदत
अजय रोज़ होमवर्क कल पर टाल देता था।
परीक्षा से पहले उसे सब कुछ एक साथ करना पड़ा और वह घबरा गया।
तब उसे समझ आया कि समय पर काम करना ही समझदारी है।
MCQ
Q1. इस दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) आराम करना चाहिए
B) काम टालना चाहिए
C) समय पर काम करना चाहिए
D) कल पर भरोसा करना चाहिए
✔️ सही उत्तर: C
Q2. “पल में प्रलय होएगी” का क्या भाव है?
A) समय बहुत लंबा है
B) जीवन अनिश्चित है
C) प्रलय आएगी ही
D) डराने के लिए कहा गया है
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि हमें काम को टालना नहीं चाहिए।
जो करना है, समय पर और तुरंत करना चाहिए क्योंकि जीवन अनिश्चित है।
बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि आलोचना करने वाले व्यक्ति (निंदक) को अपने पास ही रखना चाहिए। वह हमारी कमियाँ बताता है। उसकी बातों से हमें अपनी गलतियाँ समझ में आती हैं और हम बिना किसी बाहरी साधन के ही अपने स्वभाव को सुधार लेते हैं।
One-line Moral
“आलोचना हमें बेहतर बनाती है।”
Short Story Example
कहानी: सच्चा आलोचक
मीना को जब भी गलती होती, उसकी सहेली उसे साफ-साफ बता देती थी।
शुरू में मीना को बुरा लगता था, लेकिन धीरे-धीरे उसकी आदतें सुधर गईं।
उसे समझ आया कि सच्ची आलोचना सुधार का मौका देती है।
MCQ
Q1. इस दोहे में “निंदक” किसे कहा गया है?
A) मित्र को
B) प्रशंसा करने वाले को
C) हमारी गलतियाँ बताने वाले को
D) दुश्मन को
✔️ सही उत्तर: C
Q2. “बिन पानी साबुन बिना” का भावार्थ क्या है?
A) बिना मेहनत सुधार
B) बिना खर्च और बिना साधन के सुधार
C) बिना बोलें सुधार
D) बिना किसी की मदद के सुधार
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि जो हमारी गलतियाँ बताता है,
उसे दुश्मन न समझकर सुधार का अवसर मानना चाहिए।
औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि हमें ऐसी मधुर और विनम्र वाणी बोलनी चाहिए जिससे अहंकार समाप्त हो जाए। हमारी बातें दूसरों को सुख और शांति दें तथा स्वयं हमारे मन को भी शांति मिले।
One-line Moral
“मीठी वाणी रिश्तों को मजबूत बनाती है।”
Short Story Example
कहानी: मीठी बोली का असर
दो दुकानदार थे — एक ग्राहकों से गुस्से में बात करता था,
दूसरा विनम्रता से।
धीरे-धीरे सभी ग्राहक दूसरे दुकानदार के पास जाने लगे।
मीठी वाणी ने उसका व्यापार बढ़ा दिया।
MCQ
Q1. इस दोहे में कैसी वाणी बोलने की सलाह दी गई है?
A) कठोर वाणी
B) ऊँची आवाज़
C) मधुर और विनम्र वाणी
D) कम बोलना
✔️ सही उत्तर: C
Q2. मधुर वाणी का क्या प्रभाव होता है?
A) झगड़ा बढ़ता है
B) मन अशांत होता है
C) सबको शांति मिलती है
D) कोई असर नहीं होता
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि हमें हमेशा विनम्र और मीठी भाषा का प्रयोग करना चाहिए,
जिससे दूसरों और स्वयं दोनों को सुख और शांति मिले।
मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि किसी साधु या व्यक्ति की जाति नहीं, बल्कि उसके ज्ञान और गुणों का सम्मान करना चाहिए। जैसे तलवार की कीमत होती है, म्यान (खोल) की नहीं, वैसे ही मनुष्य का मूल्य उसके ज्ञान और कर्म से होता है।
One-line Moral
“व्यक्ति की पहचान उसके ज्ञान और गुणों से होती है, जाति से नहीं।”
Short Story Example
कहानी: असली पहचान
स्कूल में नया छात्र साधारण परिवार से था,
लेकिन पढ़ाई में बहुत तेज और मददगार था।
धीरे-धीरे सभी छात्र उसका सम्मान करने लगे।
सबको समझ आया कि महानता जन्म से नहीं, गुणों से होती है।
MCQ
Q1. कबीर के अनुसार व्यक्ति का मूल्य किससे होता है?
A) जाति से
B) धन से
C) ज्ञान और गुणों से
D) कपड़ों से
✔️ सही उत्तर: C
Q2. तलवार और म्यान का उदाहरण किसके लिए दिया गया है?
A) बाहरी रूप और असली गुण
B) युद्ध के लिए
C) सुरक्षा के लिए
D) सजावट के लिए
✔️ सही उत्तर: A
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि हमें किसी व्यक्ति का सम्मान उसकी जाति या
बाहरी रूप से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान और अच्छे गुणों के आधार पर करना चाहिए।
कहे कबीर हरि पाइए, मन ही की प्रतीत॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि हार और जीत सबसे पहले मन में होती है। यदि मनुष्य मन से हार मान लेता है तो वह सच में हार जाता है, और यदि आत्मविश्वास बनाए रखता है तो सफलता अवश्य मिलती है। ईश्वर की प्राप्ति भी दृढ़ विश्वास और सच्चे मन से ही संभव है।
One-line Moral
“सफलता पहले मन में जीतने से मिलती है।”
Short Story Example
कहानी: आत्मविश्वास की शक्ति
रीना गणित से डरती थी और हमेशा खुद को कमजोर समझती थी।
एक दिन उसने ठान लिया कि वह मेहनत करेगी।
लगातार अभ्यास से उसने परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए।
उसे समझ आया कि जीत पहले मन में होती है।
MCQ
Q1. कबीर के अनुसार हार और जीत कहाँ तय होती है?
A) भाग्य में
B) समाज में
C) मन में
D) धन में
✔️ सही उत्तर: C
Q2. सफलता पाने के लिए सबसे जरूरी क्या है?
A) डर
B) आत्मविश्वास
C) आराम
D) दूसरों पर निर्भरता
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से
मनुष्य हर कठिनाई को जीत सकता है।
मैं बपुरा डूबन डरा, रहा किनारे बैठ॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि जो लोग गहरे पानी में उतरकर खोज करते हैं, वही मोती प्राप्त करते हैं। लेकिन जो डर के कारण किनारे बैठे रहते हैं, उन्हें कुछ भी हासिल नहीं होता। सफलता पाने के लिए साहस और प्रयास आवश्यक है।
One-line Moral
“सफलता मेहनत और साहस से मिलती है, डर से नहीं।”
Short Story Example
कहानी: प्रयास करने वाला ही जीतता है
दो मित्र प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते थे।
एक असफलता के डर से पीछे हट गया,
लेकिन दूसरे ने कोशिश की और पुरस्कार जीत लिया।
उसे समझ आया कि कोशिश करने वालों को ही सफलता मिलती है।
MCQ
Q1. मोती किसे मिलते हैं?
A) किनारे बैठने वालों को
B) गहरे पानी में उतरने वालों को
C) डरने वालों को
D) भाग्यशाली लोगों को
✔️ सही उत्तर: B
Q2. इस दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) पानी से डरना चाहिए
B) मेहनत से बचना चाहिए
C) साहस और प्रयास से सफलता मिलती है
D) इंतजार करना चाहिए
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि जीवन में सफलता पाने के लिए
डर छोड़कर मेहनत और साहस के साथ प्रयास करना चाहिए।
आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि संसार में अनेक लोग मरते रहते हैं, लेकिन मन की इच्छाएँ और लालच समाप्त नहीं होते। शरीर नष्ट हो जाता है, परंतु माया, आशा और तृष्णा मनुष्य का पीछा नहीं छोड़ती। इसलिए मन और इच्छाओं पर नियंत्रण जरूरी है।
One-line Moral
“लालच और इच्छाओं पर नियंत्रण ही सच्ची शांति देता है।”
Short Story Example
कहानी: कभी न खत्म होने वाली चाह
एक व्यक्ति के पास सब कुछ था,
फिर भी वह और धन कमाने की चिंता में परेशान रहता था।
शांति उसे तब मिली जब उसने संतोष का महत्व समझा।
MCQ
Q1. इस दोहे में क्या कभी समाप्त नहीं होता बताया गया है?
A) शरीर
B) धन
C) आशा और तृष्णा
D) जीवन
✔️ सही उत्तर: C
Q2. सच्ची शांति कैसे मिलती है?
A) अधिक धन से
B) इच्छाओं पर नियंत्रण से
C) प्रसिद्धि से
D) शक्ति से
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को लालच और
असीम इच्छाओं से बचकर संतोष और संयम का जीवन अपनाना चाहिए।
अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि किसी भी चीज़ की अधिकता अच्छी नहीं होती। ज्यादा बोलना भी ठीक नहीं और बिल्कुल चुप रहना भी सही नहीं। जैसे बहुत अधिक वर्षा या बहुत तेज धूप दोनों ही हानिकारक होती हैं, वैसे ही जीवन में संतुलन आवश्यक है।
One-line Moral
“हर काम में संतुलन ही सफलता और सुख देता है।”
Short Story Example
कहानी: संतुलित जीवन
रवि कभी बहुत खेलता था और पढ़ाई नहीं करता था,
तो कभी केवल पढ़ता ही रहता था।
दोनों ही स्थितियों में वह परेशान रहा।
जब उसने पढ़ाई और खेल में संतुलन बनाया,
तभी वह खुश और सफल हुआ।
MCQ
Q1. इस दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) ज्यादा बोलना चाहिए
B) हमेशा चुप रहना चाहिए
C) हर चीज़ में संतुलन रखना चाहिए
D) केवल काम करना चाहिए
✔️ सही उत्तर: C
Q2. अधिक वर्षा और धूप का उदाहरण किसके लिए दिया गया है?
A) मौसम समझाने के लिए
B) संतुलन का महत्व बताने के लिए
C) खेती के लिए
D) प्रकृति की सुंदरता के लिए
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि जीवन में किसी भी कार्य की अधिकता
हानिकारक होती है, इसलिए हमें हर काम संतुलित तरीके से करना चाहिए।
कबीर के लोकप्रिय दोहे (21–30) – अर्थ सहित
👉 दोहा 22 पढ़ें |👉 दोहा 23 पढ़ें |👉 दोहा 24 पढ़ें |👉 दोहा 25 पढ़ें |👉 दोहा 26 पढ़ें |👉 दोहा 27 पढ़ें |👉 दोहा 28 पढ़ें |👉 दोहा 29 पढ़ें |👉 दोहा 30 पढ़ें |👉 दोहा 31 पढ़ें |👉 दोहा 11 पढ़ेंराजा परजा जोहि रुचे, शीश देई ले जाय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि प्रेम खेत में उगने वाली वस्तु नहीं है और न ही बाजार में खरीदा या बेचा जा सकता है। सच्चा प्रेम त्याग, समर्पण और सच्चे हृदय से प्राप्त होता है। जो भी व्यक्ति प्रेम पाना चाहता है, उसे अहंकार त्यागकर पूर्ण समर्पण करना पड़ता है।
One-line Moral
“सच्चा प्रेम त्याग और समर्पण से मिलता है।”
Short Story Example
कहानी: सच्ची मित्रता
दो मित्रों में से एक हमेशा दूसरे की मदद करता था,
बिना किसी स्वार्थ के।
कठिन समय आने पर वही मित्र सबसे पहले साथ खड़ा रहा।
तब समझ आया कि सच्चा प्रेम और मित्रता खरीदी नहीं जा सकती।
MCQ
Q1. कबीर के अनुसार प्रेम कहाँ नहीं मिलता?
A) खेत में
B) बाजार में
C) दोनों में
D) घर में
✔️ सही उत्तर: C
Q2. सच्चा प्रेम कैसे प्राप्त होता है?
A) धन से
B) शक्ति से
C) त्याग और समर्पण से
D) प्रसिद्धि से
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि सच्चा प्रेम किसी वस्तु की तरह खरीदा नहीं जा सकता।
यह केवल त्याग, विश्वास और समर्पण से प्राप्त होता है।
कबहूं उड़ि आँखों पड़े, पीर घनेरी होय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि कभी भी किसी छोटे या कमजोर व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए। जैसे पैरों के नीचे पड़ा तिनका भी यदि उड़कर आँख में चला जाए, तो बहुत पीड़ा देता है। इसलिए किसी को भी छोटा या तुच्छ नहीं समझना चाहिए।
One-line Moral
“किसी को कमजोर समझकर अपमान नहीं करना चाहिए।”
Short Story Example
कहानी: छोटा भी महत्वपूर्ण
स्कूल में बच्चे एक शांत छात्र का मजाक उड़ाते थे।
एक दिन उसी छात्र ने प्रतियोगिता जीतकर स्कूल का नाम रोशन किया।
तब सबको समझ आया कि किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए।
MCQ
Q1. इस दोहे में तिनका किसका प्रतीक है?
A) पेड़ का
B) कमजोर व्यक्ति का
C) हवा का
D) मिट्टी का
✔️ सही उत्तर: B
Q2. तिनका आँख में पड़ने का उदाहरण क्या बताता है?
A) तिनका खतरनाक है
B) छोटा भी नुकसान पहुँचा सकता है
C) हवा तेज होती है
D) आँख कमजोर है
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि हमें किसी भी व्यक्ति को छोटा या
तुच्छ नहीं समझना चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति महत्वपूर्ण होता है।
सब अंधियारा मिट गया, जब दीपक देख्या माहीं॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि जब मनुष्य के मन में अहंकार (मैं) होता है, तब ईश्वर का अनुभव नहीं होता। लेकिन जब अहंकार समाप्त हो जाता है, तब ईश्वर का ज्ञान प्राप्त होता है और अज्ञान रूपी अंधकार दूर हो जाता है।
One-line Moral
“अहंकार खत्म होने पर ही सच्चा ज्ञान मिलता है।”
Short Story Example
कहानी: घमंड का अंत
एक छात्र अपनी बुद्धि पर बहुत घमंड करता था।
धीरे-धीरे उसके मित्र उससे दूर हो गए।
जब उसने विनम्रता अपनाई,
तभी उसे सच्चा सम्मान और ज्ञान मिला।
MCQ
Q1. “मैं” शब्द यहाँ किसका प्रतीक है?
A) शरीर
B) अहंकार
C) मित्र
D) ज्ञान
✔️ सही उत्तर: B
Q2. अंधकार किससे समाप्त होता है?
A) धन से
B) शक्ति से
C) ज्ञान और ईश्वर के अनुभव से
D) समय से
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि अहंकार छोड़कर विनम्रता अपनाने से
मनुष्य को सच्चा ज्ञान और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
ऐसी करनी कर चलो, तू हँसे जग रोय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि जब मनुष्य इस संसार में जन्म लेता है, तब वह रोता है और संसार के लोग खुश होते हैं। इसलिए मनुष्य को जीवन में ऐसे अच्छे कर्म करने चाहिए कि जब वह संसार से विदा हो, तब वह स्वयं प्रसन्न रहे और लोग उसके जाने पर दुख महसूस करें।
One-line Moral
“ऐसा जीवन जियो कि लोग आपको सम्मान और प्रेम से याद करें।”
Short Story Example
कहानी: अच्छे कर्मों की पहचान
एक गाँव में मोहन नाम का व्यक्ति रहता था।
वह हमेशा जरूरतमंद लोगों की सहायता करता,
बीमारों की सेवा करता और सबके साथ प्रेम से व्यवहार करता था।
जब उसकी मृत्यु हुई,
पूरा गाँव दुखी हो गया।
तब लोगों को समझ आया कि अच्छे कर्म करने वाला व्यक्ति
हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहता है।
MCQ
Q1. मनुष्य जन्म के समय क्या करता है?
A) हँसता है
B) रोता है
C) बोलता है
D) चलता है
✔️ सही उत्तर: B
Q2. कबीरदास किस प्रकार का जीवन जीने की सलाह देते हैं?
A) स्वार्थी जीवन
B) आलसी जीवन
C) अच्छे कर्मों वाला जीवन
D) क्रोधपूर्ण जीवन
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा हमें सिखाता है कि मनुष्य को जीवन में
अच्छे कर्म करने चाहिए ताकि उसके जाने के बाद भी
लोग उसे प्रेम और सम्मान से याद करें।
दो पाटन के बीच में, साबुत बचा न कोय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि जब उन्होंने चलती हुई चक्की देखी, तो वे दुखी हो गए क्योंकि चक्की के दो पाटों के बीच कोई भी दाना साबुत नहीं बचता। इसी प्रकार संसार में मनुष्य भी मोह, माया, सुख और दुख के बीच पिसता रहता है।
One-line Moral
“संसार के मोह-माया में फँसकर मनुष्य दुख पाता है, इसलिए संतुलित जीवन जरूरी है।”
Short Story Example
कहानी: लालच और तनाव
राहुल धन कमाने की दौड़ में इतना व्यस्त हो गया
कि उसने परिवार और स्वास्थ्य की परवाह करना छोड़ दिया।
काम और चिंता के दबाव में वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा।
तब उसे समझ आया कि जीवन में संतुलन जरूरी है,
वरना मनुष्य परिस्थितियों के बीच पिस जाता है।
MCQ
Q1. चक्की के दो पाटन किसका प्रतीक हैं?
A) सुख और दुख
B) मित्र और शत्रु
C) दिन और रात
D) खेल और पढ़ाई
✔️ सही उत्तर: A
Q2. इस दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) मेहनत करना
B) संसार से भागना
C) जीवन में संतुलन रखना
D) धन कमाना
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि संसार के सुख-दुख और
मोह-माया के बीच मनुष्य परेशान हो जाता है,
इसलिए संतुलित और समझदारी भरा जीवन जीना चाहिए।
कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि मनुष्य लंबे समय तक हाथों से माला फेरता रहता है, लेकिन उसका मन नहीं बदलता। केवल बाहरी पूजा करने से कुछ लाभ नहीं होता। सच्ची भक्ति तब होती है जब मन के विचार और व्यवहार बदलें।
One-line Moral
“सच्ची भक्ति बाहरी दिखावे से नहीं, मन की शुद्धता से होती है।”
Short Story Example
कहानी: सच्ची पूजा
एक व्यक्ति रोज मंदिर जाकर घंटों पूजा करता था,
लेकिन लोगों से कठोर व्यवहार करता था।
एक संत ने उसे समझाया कि
भगवान को खुश करने के लिए
मन को बदलना जरूरी है।
तब उसने दूसरों के प्रति प्रेम और दया का भाव अपनाया।
MCQ
Q1. माला फेरने का क्या अर्थ है?
A) सच्ची भक्ति
B) बाहरी पूजा
C) ज्ञान प्राप्त करना
D) खेलना
✔️ सही उत्तर: B
Q2. कबीरदास किस परिवर्तन पर जोर देते हैं?
A) कपड़ों का परिवर्तन
B) स्थान का परिवर्तन
C) मन का परिवर्तन
D) समय का परिवर्तन
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि केवल बाहरी पूजा या दिखावा
पर्याप्त नहीं है।
मनुष्य को अपने मन और व्यवहार को सुधारना चाहिए,
तभी सच्ची भक्ति संभव है।
माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि जीवन में हर कार्य धीरे-धीरे और सही समय पर ही पूरा होता है। जैसे माली पौधे को कितना भी पानी दे, लेकिन फल केवल सही ऋतु आने पर ही लगते हैं। इसलिए मनुष्य को धैर्य रखना चाहिए।
One-line Moral
“धैर्य और समय का इंतजार सफलता की कुंजी है।”
Short Story Example
कहानी: मेहनत का फल
एक छात्र जल्दी सफलता पाना चाहता था,
लेकिन बार-बार असफल हो रहा था।
उसके शिक्षक ने समझाया कि
नियमित अभ्यास और धैर्य से ही सफलता मिलती है।
कुछ समय बाद मेहनत और धैर्य के कारण
वह परीक्षा में प्रथम आया।
MCQ
Q1. माली का उदाहरण किस बात को दर्शाता है?
A) जल्दबाजी
B) धैर्य और समय
C) आलस्य
D) भाग्य
✔️ सही उत्तर: B
Q2. फल कब प्राप्त होता है?
A) तुरंत
B) मेहनत बिना
C) सही समय आने पर
D) संयोग से
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि जीवन में सफलता पाने के लिए
धैर्य रखना आवश्यक है।
हर कार्य अपने सही समय पर ही सफल होता है।
जाके हृदय सांच है, ताके हृदय आप॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि सत्य से बड़ा कोई तप नहीं और झूठ से बड़ा कोई पाप नहीं होता। जिस मनुष्य के हृदय में सत्य और ईमानदारी होती है, वहाँ स्वयं ईश्वर का वास होता है।
One-line Moral
“सत्य और ईमानदारी ही मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है।”
Short Story Example
कहानी: सच्चाई की जीत
एक छात्र से गलती से स्कूल की खिड़की टूट गई।
डरने के बजाय उसने शिक्षक को सच्चाई बता दी।
शिक्षक ने उसे दंड देने के बजाय
उसकी ईमानदारी की प्रशंसा की।
तब सभी छात्रों ने सीखा कि
सच्चाई हमेशा सम्मान दिलाती है।
MCQ
Q1. कबीरदास के अनुसार सबसे बड़ा तप क्या है?
A) धन
B) शक्ति
C) सत्य
D) पूजा
✔️ सही उत्तर: C
Q2. ईश्वर किसके हृदय में निवास करते हैं?
A) धनी व्यक्ति
B) शक्तिशाली व्यक्ति
C) सत्यवादी व्यक्ति
D) प्रसिद्ध व्यक्ति
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को हमेशा सत्य बोलना चाहिए,
क्योंकि सत्य और ईमानदारी से ही सम्मान,
विश्वास और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि वे लोग अज्ञानी (अंधे) हैं जो गुरु और ईश्वर को अलग मानते हैं। यदि भगवान नाराज़ हो जाएँ, तो गुरु शरण देकर मार्ग दिखा सकते हैं। लेकिन यदि गुरु ही नाराज़ हो जाएँ, तो कहीं भी सहारा नहीं मिलता।
One-line Moral
“गुरु जीवन में सही मार्ग दिखाने वाले सबसे महान मार्गदर्शक होते हैं।”
Short Story Example
कहानी: गुरु का महत्व
एक छात्र पढ़ाई में कमजोर था।
उसके शिक्षक ने धैर्यपूर्वक उसे समझाया और मार्गदर्शन दिया।
धीरे-धीरे वह सफल छात्र बन गया।
तब उसे समझ आया कि
जीवन में गुरु का स्थान सबसे ऊँचा होता है।
MCQ
Q1. कबीरदास किसे अंध (अज्ञानी) कहते हैं?
A) जो गुरु का सम्मान नहीं करते
B) जो गुरु और ईश्वर को अलग मानते हैं
C) जो पढ़ाई नहीं करते
D) जो धनवान हैं
✔️ सही उत्तर: B
Q2. यदि भगवान रूठ जाएँ तो कौन मार्ग दिखा सकता है?
A) मित्र
B) परिवार
C) गुरु
D) धन
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि गुरु का सम्मान करना चाहिए,
क्योंकि गुरु ही सही ज्ञान देकर
मनुष्य को जीवन का सही मार्ग दिखाते हैं।
जब लग हरि न मिलें, तब लग सच्चा न होय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि जब तक मनुष्य का मन संसार के मोह-माया और भौतिक सुखों में लगा रहता है, तब तक उसे ईश्वर की प्राप्ति नहीं होती। जब मनुष्य ईश्वर से जुड़ता है, तभी वह सच्चे ज्ञान और सत्य को प्राप्त करता है।
One-line Moral
“मोह-माया से दूर होकर ही सच्चा ज्ञान और ईश्वर की प्राप्ति होती है।”
Short Story Example
कहानी: सच्ची खुशी
एक व्यक्ति धन और प्रसिद्धि पाने में इतना व्यस्त था
कि उसे कभी शांति नहीं मिली।
एक संत ने उसे समझाया कि
सच्ची खुशी बाहरी वस्तुओं में नहीं,
बल्कि आत्मिक संतोष में है।
जब उसने ध्यान और सेवा का मार्ग अपनाया,
तब उसे जीवन का वास्तविक सुख मिला।
MCQ
Q1. ईश्वर से मिलन कब संभव है?
A) जब मन संसार में उलझा हो
B) जब मन मोह-माया से मुक्त हो
C) जब धन अधिक हो
D) जब शक्ति मिले
✔️ सही उत्तर: B
Q2. सच्चा ज्ञान कब प्राप्त होता है?
A) धन से
B) प्रसिद्धि से
C) ईश्वर से जुड़ने पर
D) यात्रा करने से
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को
संसार के मोह-माया से ऊपर उठकर
ईश्वर और सत्य की ओर ध्यान देना चाहिए,
तभी जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझ में आता है।
कबीर के लोकप्रिय दोहे (31–40) – अर्थ सहित
👉 दोहा 32 पढ़ें |👉 दोहा 33 पढ़ें |👉 दोहा 34 पढ़ें |👉 दोहा 35 पढ़ें |👉 दोहा 36 पढ़ें |👉 दोहा 37 पढ़ें |👉 दोहा 38 पढ़ें |👉 दोहा 39 पढ़ें |👉 दोहा 40 पढ़ें |👉 दोहा 41 पढ़ें |👉 दोहा 21 पढ़ेंकहे कबीर जो त्यागे लोभ, वही सुख पाय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि लोभ (लालच) एक बहुत बुरी आदत है जो मनुष्य की शांति और सुख को नष्ट कर देती है। जो व्यक्ति लालच का त्याग कर देता है, वही जीवन में सच्चा सुख और संतोष प्राप्त करता है।
One-line Moral
“लालच छोड़ने से ही सच्चा सुख और संतोष मिलता है।”
Short Story Example
कहानी: लालच का परिणाम
एक किसान के पास पर्याप्त धन और अनाज था,
फिर भी वह अधिक पाने के लालच में
गलत रास्ते अपनाने लगा।
अंत में उसने सब कुछ खो दिया।
तब उसे समझ आया कि
संतोष ही सबसे बड़ा धन है।
MCQ
Q1. कबीरदास के अनुसार सबसे बुरी बला क्या है?
A) क्रोध
B) लोभ
C) आलस्य
D) भय
✔️ सही उत्तर: B
Q2. सच्चा सुख किसे मिलता है?
A) लोभी व्यक्ति को
B) धनवान को
C) लोभ त्यागने वाले को
D) शक्तिशाली को
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि लालच मनुष्य के दुख का कारण है।
संतोष और सरल जीवन अपनाने से ही
सच्चा सुख प्राप्त होता है।
कहे कबीर अज्ञान अंधेरा, तब कछु सूझे न कोय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि ज्ञान एक दीपक के समान है जो मनुष्य के अंदर और बाहर दोनों ओर प्रकाश फैलाता है। जब मनुष्य अज्ञान के अंधकार में रहता है, तब उसे सही और गलत का ज्ञान नहीं होता।
One-line Moral
“ज्ञान जीवन का प्रकाश है, जो अज्ञान का अंधकार दूर करता है।”
Short Story Example
कहानी: शिक्षा का महत्व
एक बालक पढ़ाई से दूर रहता था
और गलत संगति में पड़ गया।
एक शिक्षक ने उसे शिक्षा का महत्व समझाया।
ज्ञान प्राप्त करने के बाद
उसने सही मार्ग अपनाया
और जीवन में सफलता प्राप्त की।
MCQ
Q1. ज्ञान की तुलना किससे की गई है?
A) सूर्य से
B) दीपक से
C) जल से
D) वृक्ष से
✔️ सही उत्तर: B
Q2. अज्ञान का परिणाम क्या होता है?
A) सफलता
B) प्रकाश
C) सही समझ
D) भ्रम और अंधकार
✔️ सही उत्तर: D
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि ज्ञान प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है,
क्योंकि ज्ञान ही मनुष्य को सही मार्ग दिखाता है
और जीवन को सफल बनाता है।
जहाँ क्रोध वहाँ काल है, जहाँ क्षमा वहाँ आप॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि जहाँ दया और करुणा होती है, वहीं सच्चा धर्म होता है। जहाँ लालच होता है वहाँ पाप जन्म लेता है। क्रोध विनाश का कारण बनता है, जबकि क्षमा के भाव में ईश्वर का वास होता है।
One-line Moral
“दया और क्षमा से जीवन महान बनता है, क्रोध और लोभ विनाश लाते हैं।”
Short Story Example
कहानी: क्षमा की शक्ति
दो मित्रों में छोटी सी बात पर झगड़ा हो गया।
एक मित्र ने क्रोध छोड़कर
दूसरे को क्षमा कर दिया।
उनकी मित्रता पहले से भी मजबूत हो गई।
तब उन्हें समझ आया कि
क्षमा सबसे बड़ी शक्ति है।
MCQ
Q1. सच्चा धर्म कहाँ होता है?
A) धन में
B) दया में
C) शक्ति में
D) प्रसिद्धि में
✔️ सही उत्तर: B
Q2. ईश्वर का वास किसमें बताया गया है?
A) क्रोध में
B) लोभ में
C) क्षमा में
D) भय में
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को दया,
क्षमा और अच्छे गुण अपनाने चाहिए,
क्योंकि यही सच्चे धर्म और सुखी जीवन का मार्ग है।
जो कुछ किया सो क्यों किया, क्या ले गया क्या लाय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि यह शरीर एक दिन नष्ट होकर मिट्टी में मिल जाएगा। मनुष्य जीवन भर धन, अहंकार और मोह में लगा रहता है, लेकिन अंत समय वह कुछ भी अपने साथ नहीं ले जा सकता। इसलिए जीवन में अच्छे कर्म करना ही सबसे महत्वपूर्ण है।
One-line Moral
“जीवन अस्थायी है, इसलिए अच्छे कर्म ही सच्ची पूंजी हैं।”
Short Story Example
कहानी: सच्ची कमाई
एक धनी व्यक्ति ने जीवन भर धन इकट्ठा किया,
लेकिन कभी किसी की सहायता नहीं की।
बुढ़ापे में उसे समझ आया कि
धन नहीं, बल्कि अच्छे कर्म ही
मनुष्य को सम्मान और शांति देते हैं।
तब उसने जरूरतमंद लोगों की सेवा शुरू की।
MCQ
Q1. कबीरदास के अनुसार शरीर का अंत क्या होता है?
A) अमर हो जाता है
B) मिट्टी में मिल जाता है
C) स्वर्ग चला जाता है
D) बदल जाता है
✔️ सही उत्तर: B
Q2. मनुष्य अपने साथ क्या ले जा सकता है?
A) धन
B) संपत्ति
C) अच्छे कर्म
D) वस्त्र
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: this दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि जीवन नश्वर है,
इसलिए मनुष्य को अहंकार और मोह छोड़कर
अच्छे कर्म करने चाहिए,
क्योंकि वही जीवन का वास्तविक मूल्य है।
साथी मरत न छोड़ई, जब तक जीवन साह॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि मनुष्य को हमेशा अच्छे और सज्जन लोगों की संगति करनी चाहिए। साधु और अच्छे व्यक्ति जीवन के अंत तक सही मार्ग दिखाते हैं और साथ निभाते हैं। अच्छी संगति मनुष्य के जीवन को सफल बनाती है।
One-line Moral
“अच्छी संगति जीवन को सही दिशा देती है।”
Short Story Example
कहानी: संगति का प्रभाव
दो मित्रों में से एक अच्छी संगति में रहा
और पढ़ाई तथा अच्छे कार्यों में आगे बढ़ा।
दूसरा बुरी संगति में पड़कर
गलत आदतों का शिकार हो गया।
समय के साथ सबको समझ आया कि
संगति ही भविष्य तय करती है।
MCQ
Q1. कबीरदास किसकी संगति करने की सलाह देते हैं?
A) धनी लोगों की
B) साधु और सज्जन लोगों की
C) शक्तिशाली लोगों की
D) प्रसिद्ध लोगों की
✔️ सही उत्तर: B
Q2. अच्छी संगति का क्या लाभ है?
A) धन प्राप्ति
B) गलत आदतें
C) सही मार्गदर्शन
D) आलस्य
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को
हमेशा अच्छी संगति अपनानी चाहिए,
क्योंकि अच्छे लोगों का साथ
जीवन को सफल और श्रेष्ठ बनाता है।
सब विधि सहजै पाइए, जो मन जोगी होय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि बहुत से लोग बाहरी रूप से साधु या योगी बन जाते हैं, लेकिन अपने मन को नियंत्रित करना बहुत कठिन है। सच्चा योगी वही है जिसका मन शांत और पवित्र हो।
One-line Moral
“बाहरी दिखावे से नहीं, मन की पवित्रता से महानता मिलती है।”
Short Story Example
कहानी: सच्चा योगी
एक व्यक्ति साधु के वस्त्र पहनकर
लोगों को प्रभावित करता था,
लेकिन उसका व्यवहार अच्छा नहीं था।
दूसरी ओर एक साधारण व्यक्ति
सबकी मदद करता और शांत रहता था।
लोगों ने समझा कि
सच्चा योग मन की अच्छाई में है।
MCQ
Q1. सच्चा योगी कौन है?
A) जो विशेष वस्त्र पहने
B) जो जंगल में रहे
C) जिसका मन नियंत्रित हो
D) जो प्रसिद्ध हो
✔️ सही उत्तर: C
Q2. कबीरदास किस पर अधिक जोर देते हैं?
A) शरीर पर
B) धन पर
C) मन की शुद्धता पर
D) शक्ति पर
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि केवल बाहरी रूप बदलने से
मनुष्य महान नहीं बनता।
सच्ची महानता मन को शुद्ध और नियंत्रित करने में है।
पीछे-पीछे हरि फिरें, कहत कबीर कबीर॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि जब मनुष्य का मन गंगा जल की तरह पवित्र और स्वच्छ हो जाता है, तब ईश्वर स्वयं उसके साथ रहते हैं। शुद्ध मन में ही भगवान का वास होता है।
One-line Moral
“पवित्र मन में ही ईश्वर का निवास होता है।”
Short Story Example
कहानी: साफ मन का फल
एक बालक हमेशा सत्य बोलता
और सबकी सहायता करता था।
उसका मन स्वच्छ और निष्कपट था।
धीरे-धीरे सभी लोग उससे प्रेम करने लगे।
उसने समझा कि
अच्छा मन ही सबसे बड़ी पूजा है।
MCQ
Q1. मन की तुलना किससे की गई है?
A) पर्वत से
B) गंगा जल से
C) सूर्य से
D) वृक्ष से
✔️ सही उत्तर: B
Q2. ईश्वर किसके साथ रहते हैं?
A) धनी व्यक्ति
B) शक्तिशाली व्यक्ति
C) पवित्र मन वाले व्यक्ति
D) प्रसिद्ध व्यक्ति
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को
अपने मन को स्वच्छ, सच्चा और पवित्र रखना चाहिए,
क्योंकि शुद्ध मन में ही ईश्वर का वास होता है।
कहे कबीर अज्ञानी नर, बात समझ न बोल॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि अज्ञानी मनुष्य मूल्यवान वस्तुओं और ज्ञान को छोड़कर बेकार चीजों को महत्व देता है। जैसे कोई व्यक्ति हीरे को छोड़कर कीचड़ को अधिक मूल्यवान समझे, वैसे ही अज्ञान व्यक्ति सही बात को नहीं समझ पाता।
One-line Moral
“अज्ञानी व्यक्ति सच्चे मूल्य को पहचान नहीं पाता।”
Short Story Example
कहानी: सही पहचान
एक छात्र पढ़ाई छोड़कर
समय व्यर्थ खेल और मोबाइल में बिताता था।
जब परीक्षा में असफल हुआ,
तब उसे समझ आया कि
ज्ञान ही जीवन का असली हीरा है।
MCQ
Q1. हीरा किसका प्रतीक है?
A) धन
B) ज्ञान और मूल्यवान चीजें
C) खेल
D) शक्ति
✔️ सही उत्तर: B
Q2. अज्ञानी व्यक्ति क्या करता है?
A) सही चीज चुनता है
B) ज्ञान प्राप्त करता है
C) बेकार चीजों को महत्व देता है
D) मेहनत करता है
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को
सही और मूल्यवान चीजों की पहचान करनी चाहिए
और ज्ञान को सबसे अधिक महत्व देना चाहिए।
यह आपा तो डाल दे, दया करे सब कोय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि संसार में कोई भी व्यक्ति हमारा शत्रु नहीं होता। जब मन शांत और विनम्र होता है, तब सब लोग अपने लगते हैं। अहंकार छोड़कर दया और प्रेम का भाव रखने से जीवन सुखमय बन जाता है।
One-line Moral
“अहंकार छोड़ने से ही प्रेम और शांति मिलती है।”
Short Story Example
कहानी: बदलता दृष्टिकोण
एक व्यक्ति हर किसी से झगड़ा करता था।
एक संत ने उसे शांत और विनम्र रहने की सलाह दी।
जब उसने अपना व्यवहार बदला,
लोग भी उसके मित्र बन गए।
तब उसे समझ आया कि
समस्या दूसरों में नहीं,
अपने मन में थी।
MCQ
Q1. संसार में शत्रु कब नहीं होता?
A) जब धन अधिक हो
B) जब मन शांत हो
C) जब शक्ति हो
D) जब प्रसिद्धि मिले
✔️ सही उत्तर: B
Q2. शांति पाने के लिए क्या त्यागना चाहिए?
A) मित्र
B) धन
C) अहंकार
D) ज्ञान
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को
अहंकार छोड़कर दया और प्रेम का व्यवहार करना चाहिए,
तभी जीवन में शांति और अच्छे संबंध बनते हैं।
कहे कबीर सांचा सुख, राम चरण में होय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि संसार के लोग धन, वैभव और भौतिक वस्तुओं से मिलने वाले अस्थायी सुख को ही सच्चा सुख मान लेते हैं। जबकि वास्तविक और स्थायी सुख ईश्वर की भक्ति तथा उनके चरणों में मन लगाने से प्राप्त होता है।
One-line Moral
“सच्चा सुख भौतिक वस्तुओं में नहीं, ईश्वर भक्ति में है।”
Short Story Example
कहानी: असली खुशी
एक धनी व्यापारी के पास सब कुछ था,
फिर भी वह हमेशा चिंतित रहता था।
एक दिन उसने एक संत को
साधारण जीवन में प्रसन्न देखा।
संत ने बताया कि सच्ची खुशी
मन की शांति और भक्ति में होती है।
तब व्यापारी को समझ आया कि
धन नहीं, संतोष ही असली सुख है।
MCQ
Q1. लोग किसे सच्चा सुख समझ लेते हैं?
A) भक्ति
B) झूठे सांसारिक सुख
C) ज्ञान
D) सेवा
✔️ सही उत्तर: B
Q2. सच्चा सुख कहाँ प्राप्त होता है?
A) धन में
B) प्रसिद्धि में
C) राम चरण में
D) शक्ति में
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि संसार के
क्षणिक सुखों के पीछे भागने के बजाय
मनुष्य को ईश्वर भक्ति और
आत्मिक शांति की ओर ध्यान देना चाहिए,
क्योंकि वही सच्चा और स्थायी सुख है।
कबीर के लोकप्रिय दोहे (41–50) – अर्थ सहित
👉 दोहा 42 पढ़ें |👉 दोहा 43 पढ़ें |👉 दोहा 44 पढ़ें |👉 दोहा 45 पढ़ें |👉 दोहा 46 पढ़ें |👉 दोहा 47 पढ़ें |👉 दोहा 48 पढ़ें |👉 दोहा 49 पढ़ें |👉 दोहा 50 पढ़ें |👉 दोहा 31 पढ़ें |जैसे सीधी डगर चले, पहुँचे अपने ठान॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि संतों और सज्जनों की सेवा करने से मनुष्य को भगवान की प्राप्ति सरलता से हो जाती है। जैसे सीधा रास्ता अपनाने वाला व्यक्ति बिना भटके अपने लक्ष्य तक पहुँच जाता है, वैसे ही संतों का संग और सेवा जीवन को सही दिशा प्रदान करती है।
One-line Moral
“संतों की संगति जीवन को सही मार्ग दिखाती है।”
Short Story Example
कहानी: सही मार्गदर्शन
एक युवक जीवन में परेशान रहता था।
वह एक संत के पास गया।
संत ने उसे अच्छे कर्म और सेवा का मार्ग बताया।
धीरे-धीरे उसका जीवन शांत और सुखी हो गया।
तब उसे समझ आया कि
संतों की संगति ही सच्चा मार्ग दिखाती है।
MCQ
Q1. भगवान की प्राप्ति कैसे सहज होती है?
A) धन से
B) संतों की सेवा से
C) शक्ति से
D) प्रसिद्धि से
✔️ सही उत्तर: B
Q2. संतों की संगति क्या देती है?
A) भ्रम
B) कठिनाई
C) सही दिशा
D) आलस्य
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि
संतों और सज्जनों की सेवा तथा संगति
मनुष्य को सही मार्ग पर चलाती है
और ईश्वर के निकट पहुँचने में सहायता करती है।
जो कल करै सो आज कर, यही सच्ची शान॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि समय बहुत शक्तिशाली होता है। जो कार्य हमें कल करना है, उसे आज ही पूरा कर लेना चाहिए। समय को व्यर्थ गंवाने वाला व्यक्ति जीवन में पीछे रह जाता है, जबकि समय का सही उपयोग करने वाला सफलता प्राप्त करता है।
One-line Moral
“समय का सम्मान ही सफलता की पहचान है।”
Short Story Example
कहानी: टालमटोल की आदत
राहुल हमेशा अपना काम कल पर टाल देता था।
परीक्षा के समय उसके पास पढ़ने का समय नहीं बचा।
उसका मित्र रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ता रहा
और अच्छे अंक प्राप्त कर लिया।
तब राहुल को समझ आया कि
समय पर किया गया कार्य ही सफलता दिलाता है।
MCQ
Q1. इस दोहे में किसे बलवान कहा गया है?
A) धन
B) समय
C) शक्ति
D) ज्ञान
✔️ सही उत्तर: B
Q2. हमें कार्य कब करना चाहिए?
A) अगले वर्ष
B) जब मन करे
C) आज ही
D) कभी भी
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि
मनुष्य को अपने कार्य समय पर करने चाहिए
और उन्हें कल पर नहीं टालना चाहिए,
क्योंकि समय सबसे शक्तिशाली होता है।
जो घर फूंके आपना, चले हमारे साथ॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि वे संसार रूपी बाज़ार में ज्ञान की मशाल लेकर खड़े हैं। जो व्यक्ति अपने अहंकार, मोह-माया और सांसारिक आसक्तियों को त्याग देता है, वही सच्चे आध्यात्मिक मार्ग पर चल सकता है।
One-line Moral
“मोह और अहंकार त्यागने से ही सच्चा ज्ञान प्राप्त होता है।”
Short Story Example
कहानी: त्याग का मार्ग
एक धनी व्यक्ति धन और सुख-सुविधाओं में इतना
लिप्त था कि उसे कभी शांति नहीं मिलती थी।
एक संत ने उसे लोभ और अहंकार छोड़ने की सलाह दी।
जब उसने जरूरतमंदों की सहायता शुरू की,
तब उसके जीवन में सच्ची खुशी और संतोष आया।
MCQ
Q1. “घर फूंके आपना” का क्या अर्थ है?
A) घर जलाना
B) यात्रा करना
C) मोह-माया और अहंकार का त्याग
D) धन कमाना
✔️ सही उत्तर: C
Q2. कबीरदास किसका संदेश दे रहे हैं?
A) भौतिक सुख
B) त्याग और वैराग्य
C) युद्ध
D) व्यापार
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को
अहंकार, लोभ और मोह-माया का त्याग करके
सत्य और आध्यात्मिक मार्ग अपनाना चाहिए,
तभी जीवन में वास्तविक शांति मिलती है।
जो सुख पायो राम भजन में, सो सुख नाहीं अमीरी में॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि उनका मन साधारण और संतोषपूर्ण जीवन (फकीरी) में लग गया है। ईश्वर भक्ति और आत्मिक शांति में जो सुख मिलता है, वह धन-दौलत और अमीरी में कभी नहीं मिल सकता।
One-line Moral
“सच्चा सुख धन में नहीं, संतोष और भक्ति में होता है।”
Short Story Example
कहानी: अमीरी या शांति?
एक धनी व्यापारी के पास सब कुछ था,
फिर भी वह हमेशा तनाव में रहता था।
एक दिन उसने एक संत को देखा
जो साधारण जीवन जीते हुए भी बहुत प्रसन्न थे।
तब उसे समझ आया कि
सुख बाहरी संपत्ति में नहीं,
बल्कि मन की शांति में होता है।
MCQ
Q1. कबीरदास का मन किसमें लगा है?
A) अमीरी में
B) फकीरी में
C) व्यापार में
D) शक्ति में
✔️ सही उत्तर: B
Q2. सच्चा सुख कहाँ मिलता है?
A) धन में
B) प्रसिद्धि में
C) ईश्वर भक्ति में
D) महल में
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि सच्चा आनंद और शांति
भौतिक सुख-सुविधाओं में नहीं,
बल्कि संतोष, सरल जीवन और ईश्वर भक्ति में मिलती है।
ना मैं देवल, ना मैं मस्जिद, ना काबे कैलास में॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि मनुष्य ईश्वर को मंदिर, मस्जिद या तीर्थ स्थानों में खोजता है, जबकि भगवान मनुष्य के अपने हृदय और आत्मा में ही निवास करते हैं। ईश्वर को पाने के लिए बाहरी खोज नहीं, बल्कि आत्मचिंतन आवश्यक है।
One-line Moral
“ईश्वर बाहर नहीं, हमारे भीतर ही मौजूद हैं।”
Short Story Example
कहानी: सच्ची खोज
एक व्यक्ति भगवान की खोज में
कई तीर्थ स्थानों पर गया,
लेकिन उसे शांति नहीं मिली।
एक संत ने उसे बताया कि
भगवान को पाने के लिए
अपने मन को शांत और पवित्र बनाओ।
तभी उसे आत्मिक शांति का अनुभव हुआ।
MCQ
Q1. कबीरदास के अनुसार ईश्वर कहाँ रहते हैं?
A) मंदिर में
B) मस्जिद में
C) मनुष्य के हृदय में
D) पर्वत पर
✔️ सही उत्तर: C
Q2. ईश्वर को पाने का सही मार्ग क्या है?
A) केवल यात्रा करना
B) बाहरी पूजा
C) आत्मचिंतन और सच्चा मन
D) धन कमाना
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि ईश्वर को बाहर खोजने के बजाय
अपने मन और आत्मा को शुद्ध बनाना चाहिए,
क्योंकि भगवान हमारे भीतर ही निवास करते हैं।
कहे कबीर जो जोगी है, ता जोगी कहिय जाय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि सच्चा योगी वही है जो बुरे विचारों और गलत आचरण से दूर रहता है। दूसरे की स्त्री के प्रति गलत सोच रखना भी अनुचित है। जो व्यक्ति अपने मन और चरित्र को पवित्र रखता है, वही वास्तविक योगी कहलाता है।
One-line Moral
“सच्ची महानता अच्छे चरित्र और शुद्ध विचारों में होती है।”
Short Story Example
कहानी: चरित्र की पहचान
एक युवक ज्ञान और योग की बातें करता था,
लेकिन उसका व्यवहार सही नहीं था।
दूसरी ओर एक साधारण व्यक्ति
हमेशा मर्यादा और सम्मान बनाए रखता था।
लोगों ने समझा कि
सच्चा सम्मान अच्छे चरित्र से मिलता है।
MCQ
Q1. कबीरदास के अनुसार सच्चा योगी कौन है?
A) जो केवल योग करे
B) जो धनवान हो
C) जिसका चरित्र पवित्र हो
D) जो प्रसिद्ध हो
✔️ सही उत्तर: C
Q2. इस दोहे में किस गुण पर जोर दिया गया है?
A) शक्ति
B) चरित्र और संयम
C) धन
D) ज्ञान
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को
हमेशा अच्छे चरित्र और संयमित जीवन अपनाना चाहिए,
क्योंकि यही सच्चे योग और सम्मान का आधार है।
जीवन बाद भी याद रहे, नाम अमर हो जाय॥
अर्थ: मनुष्य को ऐसे अच्छे कर्म करने चाहिए जिससे समाज के सभी लोग प्रसन्न रहें। अच्छे कार्य करने वाला व्यक्ति मृत्यु के बाद भी लोगों के दिलों में अपने अच्छे नाम और कार्यों के कारण जीवित रहता है।
One-line Moral
“अच्छे कर्म ही मनुष्य को अमर बनाते हैं।”
Short Story Example
कहानी: सच्ची पहचान
एक शिक्षक हमेशा अपने विद्यार्थियों की मदद करते थे।
वे केवल पढ़ाई ही नहीं,
बल्कि अच्छे संस्कार भी सिखाते थे।
समय बीतने के बाद भी
उनके छात्र उन्हें सम्मान और प्रेम से याद करते रहे।
इस प्रकार उनके अच्छे कर्मों ने
उन्हें अमर बना दिया।
MCQ
Q1. मनुष्य को कैसे कार्य करने चाहिए?
A) स्वार्थ के लिए
B) दूसरों को दुख देने वाले
C) सभी को प्रसन्न करने वाले
D) केवल अपने लाभ के लिए
✔️ सही उत्तर: C
Q2. मनुष्य की सच्ची पहचान किससे बनती है?
A) धन से
B) पद से
C) अच्छे कर्मों से
D) शक्ति से
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को
हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए,
क्योंकि अच्छे कार्य ही उसे समाज में सम्मान
और अमर पहचान दिलाते हैं।
बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से खाय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि मनुष्य अपने गलत कर्म करने के बाद पछताता है, लेकिन जो कर्म पहले किए जा चुके हैं उनका परिणाम तो अवश्य मिलता है। जैसे बबूल का पेड़ बोकर आम के फल की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
One-line Moral
“जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल मिलेगा।”
Short Story Example
कहानी: कर्म का फल
एक छात्र पढ़ाई छोड़कर समय खेल-कूद में बिताता था।
परीक्षा आने पर वह असफल हो गया
और पछताने लगा।
तब उसे समझ आया कि
मेहनत किए बिना सफलता नहीं मिलती।
अच्छे परिणाम के लिए
अच्छे कर्म आवश्यक हैं।
MCQ
Q1. बबूल का पेड़ किसका प्रतीक है?
A) अच्छे कर्म
B) गलत कर्म
C) सफलता
D) ज्ञान
✔️ सही उत्तर: B
Q2. इस दोहे का मुख्य संदेश क्या है?
A) भाग्य पर विश्वास
B) कर्म का महत्व
C) धन कमाना
D) समय बिताना
✔️ सही उत्तर: B
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को
हमेशा सोच-समझकर अच्छे कर्म करने चाहिए,
क्योंकि हर कर्म का फल अवश्य मिलता है।
कहे कबीर संगत भली, जीवन सफल होय॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि मनुष्य जिस प्रकार की संगति (साथ) में रहता है, उसका प्रभाव उसके जीवन और व्यवहार पर पड़ता है। अच्छी संगति व्यक्ति को अच्छे विचार, ज्ञान और सफलता की ओर ले जाती है, जबकि बुरी संगति जीवन को गलत दिशा में ले जाती है।
One-line Moral
“अच्छी संगति जीवन को सफल बनाती है।”
Short Story Example
कहानी: मित्रों का प्रभाव
दो मित्र एक ही विद्यालय में पढ़ते थे।
एक अच्छे और मेहनती छात्रों के साथ रहता था,
जबकि दूसरा गलत संगति में पड़ गया।
समय के साथ पहला छात्र सफल हो गया
और दूसरा पढ़ाई में पीछे रह गया।
तब उसे समझ आया कि
संगति ही सफलता या असफलता तय करती है।
MCQ
Q1. मनुष्य के जीवन पर सबसे अधिक प्रभाव किसका पड़ता है?
A) धन
B) संगति
C) भाग्य
D) उम्र
✔️ सही उत्तर: B
Q2. अच्छी संगति का परिणाम क्या होता है?
A) आलस्य
B) असफलता
C) सफलता और अच्छे संस्कार
D) भ्रम
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को हमेशा
अच्छे लोगों की संगति करनी चाहिए,
क्योंकि अच्छी संगति से ही
ज्ञान, संस्कार और सफलता प्राप्त होती है।
जो मन पर असवार है, सो साधु कोई एक॥
अर्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि मनुष्य को अपने मन की हर इच्छा के अनुसार नहीं चलना चाहिए, क्योंकि मन में अनेक प्रकार की इच्छाएँ उत्पन्न होती रहती हैं। जो व्यक्ति अपने मन को नियंत्रित कर लेता है, वही सच्चा ज्ञानी और श्रेष्ठ मनुष्य बनता है।
One-line Moral
“जो मन को जीत लेता है, वही जीवन में सफल होता है।”
Short Story Example
कहानी: मन पर नियंत्रण
एक छात्र पढ़ाई करते समय बार-बार मोबाइल देखने लगता था।
उसका मन उसे पढ़ाई से भटका देता था।
एक दिन उसने निश्चय किया कि
वह पहले पढ़ाई पूरी करेगा,
फिर मोबाइल उपयोग करेगा।
धीरे-धीरे उसका ध्यान बढ़ा
और वह परीक्षा में सफल हो गया।
MCQ
Q1. मन के अनुसार चलने से क्या होता है?
A) सफलता निश्चित होती है
B) मन भटकता रहता है
C) ज्ञान बढ़ता है
D) समय बचता है
✔️ सही उत्तर: B
Q2. सच्चा साधु या सफल व्यक्ति कौन है?
A) जो धनवान हो
B) जो प्रसिद्ध हो
C) जो मन को नियंत्रित करे
D) जो शक्तिशाली हो
✔️ सही उत्तर: C
Question – Answer
प्रश्न: इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: यह दोहा सिखाता है कि मनुष्य को
अपने मन पर नियंत्रण रखना चाहिए,
क्योंकि मन को जीतने वाला व्यक्ति ही
जीवन में सफलता और शांति प्राप्त करता है।
👉 दोहा 1 पढ़ें |👉 दोहा 5 पढ़ें |👉 दोहा 11 पढ़ें |👉 दोहा 15 पढ़ें |👉 दोहा 21 पढ़ें |👉 दोहा 25 पढ़ें |👉 दोहा 31 पढ़ें |👉 दोहा 35 पढ़ें |👉 दोहा 41 पढ़ें |👉 दोहा 45 पढ़ें
छात्रों के लिए कबीर दोहों का महत्व
- नैतिक शिक्षा प्रदान करते हैं
- चरित्र निर्माण में सहायक
- समय और परिश्रम का मूल्य सिखाते हैं
- जीवन में सत्य और प्रेम का महत्व बताते हैं
📜 निष्कर्ष (Conclusion)
संत कबीरदास जी के दोहे केवल साहित्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की सच्ची कला सिखाने वाले अमूल्य विचार हैं। उनके दोहों में सत्य, प्रेम, विनम्रता, परिश्रम, सदाचार और मानवता का गहरा संदेश छिपा हुआ है।
आज के विद्यार्थियों के लिए कबीर के दोहे नैतिक शिक्षा, सकारात्मक सोच और सही जीवन मार्ग दिखाने का कार्य करते हैं। ये दोहे हमें सिखाते हैं कि अच्छे विचार, अच्छी संगति और अच्छे कर्म ही सफल जीवन की वास्तविक पहचान हैं।
यदि हम कबीरदास जी की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाएँ, तो हम न केवल एक अच्छे विद्यार्थी, बल्कि एक श्रेष्ठ इंसान भी बन सकते हैं।
✨ कबीर के दोहे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे।
📘 संत कबीरदास जी के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts)
- ✅ पूरा नाम — संत कबीरदास
- ✅ जन्म — लगभग 1398 ई.
- ✅ जन्म स्थान — वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
- ✅ पालन-पोषण — नीरू और नीमा (जुलाहा परिवार)
- ✅ गुरु — स्वामी रामानंद
- ✅ भाषा — साधुक्कड़ी / लोकभाषा
- ✅ प्रमुख रचनाएँ — साखी, सबद और दोहे
- ✅ संदेश — मानवता, प्रेम और समानता
- ✅ विरोध किया — जाति भेद, अंधविश्वास और पाखंड का
- ✅ मृत्यु — लगभग 1518 ई., मगहर (उत्तर प्रदेश)
- ✅ कबीरदास जी के दोहे आज भी नैतिक शिक्षा का महत्वपूर्ण स्रोत हैं


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